
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में सही समय आने पर राज्य का दर्जा बहाल किया जाएगा, जैसा कि पहले ही वादा किया गया है। हालांकि, उन्होंने कोई निश्चित समय सीमा नहीं बताई। शाह ने एक कार्यक्रम में कहा कि जम्मू-कश्मीर में पिछले साल विधानसभा के चुनाव शांतिपूर्ण ढंग संपन्न हुए। 40 साल बाद यह पहला चुनाव था, जिसमें एक भी जगह पर दोबारा मतदान कराने की जरूरत नहीं पड़ी। न आंसू गैस के गोले और न ही गोलियां चलानी पड़ीं। 60 फीसदी लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
राज्य के दर्जे के सवाल पर शाह ने कहा, हमने आश्वासन दिया है कि राज्य का दर्जा बहाल किया जाएगा। हमने शुरू से ही कहा है कि राज्य का दर्जा दिया जाएगा, लेकिन यह सार्वजनिक मंच पर नहीं बताया जा सकता कि यह कब दिया जाएगा।
तमिलनाडु से जुड़े सवाल पर शाह ने कहा कि तमिलनाडु कभी बहुत प्रगतिशील राज्य था, लेकिन द्रमुक सरकार की नीतियों के कारण यह अराजकता का शिकार हो गया है। लोग परेशान हैं और वे अगले विधानसभा चुनावों में उसे उखाड़ फेंकने के लिए तैयार हैं। उन्होंने द्रमुक को तमिल विरोधी बताया और कहा कि राज्य सरकार ने अभी तक तमिल भाषा में चिकित्सा और इंजीनियरिंग की शिक्षा शुरू नहीं की है और उसने पुस्तकों का तमिल में अनुवाद भी नहीं किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि 2026 के विस चुनाव के बाद राज्य में एनडीए सत्ता में आएगा।