सूबे के मुखिया योगी सरकार जहाँ करोडों रुपये खर्च करके स्वच्छ भारत का सपना जनता को दिखा रही है, वहीं पन्द्रह साल से नगर पंचायत का दर्जा प्राप्त कर चुकी यूपी के बस्ती जिले के नगर पंचायत बभनान के वार्ड नम्बर 4 में आज तक दलित बस्ती के लोग नरक की जिन्दगी जीने को मजबूर है, इस वार्ड के लोगों को आज तक सरकार की कोई भी सुविधा नही मिल पाई है, जिससे बस्ती के लोगों को गन्दगी में ही जीवन जीने को मजबूर होना पड रहा है। अधिकारियों से शिकायत करने के बाद भी यहाँ नालियों में पडे कचरे की भरमार है,नालियां कचरे से भरी हुई है,जिससे नाली का पानी सडक पर बहता रहता है और लोगों को आने जाने में काफी दिक्कतो का सामना करना पड़ता है
इन नालियों की सफाई कभी नगर पंचायत के कर्मचारी करने आ भी जाते है तो कूडा उठाना ही भूल जाते है, जिससे कचरे से निकलने वाली दुर्गन्ध यहां की आबो हवा खराब कर देती है, जिसका परिणाम यह है कि लोग बीमारियों के शिकार हो रहे है।वहीं, वार्ड न.4 की दलितों की बस्ती में स्वच्छ पानी तक की व्यवस्था नगर पालिका की तरफ से मुहैया नही कराई गई है, दूषित पानी पीने की वजह से बस्ती के लोग आये दिन बीमार हो रहे है। इतना ही नहीं, इस दलित बस्ती में किसी भी घर में शौचालय तक नही है, यहाँ लोग खुले मैदान में शौच के लिए जाते है। एक ओर मोदी व योगी सरकार खुले में शौचमुक्त अभियान चला रखा है, वहीं दूसरी ओर बस्ती जिले की नगर पंचायत बभनान सरकार के इस सपने को पूरा करने में नाकाम है। नगर पंचायत कर्मचारियों की लापरवाही के चलते इस वार्ड के लोगों की जिन्दगी पूरी तरह से नरक बनी हुई है।
हिन्द न्यूज टीवी के लिए बस्ती से सतीश श्रीवास्तव